2020 राजस्थान सियासी संकट पर अशोक गहलोत का बड़ा आरोप, भाजपा पर हॉर्स ट्रेडिंग के गंभीर आरोप दोहराए
Ashok Gehlot makes a major allegation
जयपुर। Ashok Gehlot makes a major allegation, राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने एक बार फिर अपनी सरकार के कार्यकाल में जुलाई, 2020 में हुए सियासी संकट को लेर भाजपा एवं अपने राजनीतिक विरोधियों पर निशाना साधा है। गहलोत ने कहा,हमारी तत्कालीन सरकार को गिराने के लिए कांग्रेस के प्रत्येक विधायक को 35 करोड़ रूपए देने का सौदा हुआ था। प्रत्येक विधायक को दस-दस करोड़ रूपए अग्रिम दिए गए थे।
गहलोत का आरोप
हालांकि सरकारी नहीं गिरा सके तो भाजपा नेताओं ने हमारे विधायकों को दिए गए पैसे वापस नहीं लिए। उन्होंने कहा,भाजपा और केंद्र सरकार ने विधायकों की खरीद-फरोख्त के जरिए कर्नाटक,महाराष्ट्र और राजस्थान सरकारों को गिराने का प्रयास किया गया था। उस समय हॉर्स ट्रेडिंग के नाम पर कहीं 50 करोड़ तो कहीं 35 करोड़ रूपए में सौदा हुआ था।
कांग्रेस को बचा लिया: गहलोत
गहलोत शुक्रवार को जयपुर में मीडिया से बात कर रहे थे। उन्होंने कहा, 'भाजपा खरीद-फरोख्त से निर्वाचित सरकारों को गिराती है। हमें गर्व है कि हमने उस समय राजस्थान की कांग्रेस सरकार को बचा लिया था। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के आवास पर उस दौरान राजस्थान सरकार गिराने को लेकर बैठक होती थी,जिसमें केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह भी शामिल होते थे। उस समय विधायकों को लेने के लिए दो विमान जयपुर भेजे गए थे,उनमें से एक विमान खाली गया था,क्योंकि हमने भाजपा के षडयंत्र को सार्वजनिक कर दिया था।
तृणमूल की टूट पर बोले गहलोत
गहलोत ने पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस की टूट को लेकर कहा, तोड़फोड़ करना भाजपा की आदत है। उन्होंने नेताओं को नसीहत देते हुए कहा,लाइन काटने के बजाय खुद की लाइन बड़ी करनी पड़ती है। लेकिन दुर्भाग्य से राजनीति में एक-दूसरे की लाइन काटने में लगे रहते हैं,जिसमें कई नेता विफल हो जाते हैं।